तीसरा अखिल भारतीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी राजभाषा सम्मेलन आईएएसएसटी, गुवाहाटी में समाप्त हुआ
तीसरा अखिल भारतीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी राजभाषा सम्मेलन आज, 14 नवंबर 2025 को, गुवाहाटी स्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उन्नत अध्ययन संस्थान (IASST) में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। दो दिवसीय यह सम्मेलन 13–14 नवंबर को आयोजित किया गया था, जिसमें देश भर से वैज्ञानिकों, अभियंताओं तथा शोध विद्वानों ने भाग लिया और वैज्ञानिक एवं तकनीकी संचार में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, इसके पश्चात् IASST के निदेशक प्रो. अशीष कुमार मुखर्जी द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। प्रो. मुखर्जी ने हिंदी के माध्यम से विज्ञान के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया तथा सम्मेलन के व्यापक वैज्ञानिक महत्व को रेखांकित किया।
उद्घाटन सत्र की शोभा श्रीमती ए. धनलक्ष्मी, संयुक्त सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार तथा श्री राजीव कुमार नायक, केंद्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (उत्तर-पूर्व), गुवाहाटी द्वारा बढ़ाई गई। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति रही, जिन्होंने मूल्यवान अंतर्दृष्टि एवं समर्थन प्रदान किया। अपने संबोधन में श्रीमती धनलक्ष्मी ने राजभाषा विभाग द्वारा विकसित उपकरणों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया तथा बताया कि इन उपकरणों ने राजकीय कार्यों में हिंदी के उपयोग को काफी सरल बना दिया है। बाद में सार (अब्स्ट्रैक्ट) पुस्तिका का विमोचन किया गया।
सम्मेलन में छह (6) मुख्य वक्ता (कीनोट स्पीकर) और विभिन्न डीएसटी स्वायत्त संस्थानों से लगभग 50 प्रतिभागी उपस्थित हुए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक ज्ञान का हिंदी में सरल, सुलभ और आकर्षक तरीके से प्रसार को प्रोत्साहित करना था, जिससे भारत के वैज्ञानिक समुदाय में भाषाई सामंजस्य को मजबूत किया जा सके। दो दिनों में लगभग 25 तकनीकी शोध पत्र हिंदी में प्रस्तुत किए गए, जो विभिन्न स्वायत्त संस्थानों में हो रहे नवाचारी कार्यों को प्रदर्शित करते थे।
एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जो क्षेत्र की समृद्ध विरासत को प्रतिबिंबित करता था।
समापन सत्र के दौरान, प्रतिभागियों ने अपनी संतुष्टि व्यक्त की और दो दिवसीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आईएएसएसटी की सराहना की। प्रो. देवाशीष चौधरी ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में सम्मेलन के संचालन और उसकी सफलता सुनिश्चित करने में आईएएसएसटी परिवार के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।




