कुकुरमुत्ता प्रदर्शन इकाई:
कुकुरमुत्ता प्रदर्शन इकाई जून, वर्ष २०१६ में स्थापित की गई थी। इस इकाई में एक ऊष्मायन कक्ष, एक बैग तैयारी कक्ष, एक उबालने की व्यवस्था तथा एक भूसा भंडारण शेड सम्मिलित है। ऊष्मायन कक्ष का क्षेत्रफल १६ × १४ × १२ फ़ुट (लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई) है। लगभग २०० कुकुरमुत्ता बैग इस कक्ष में रखे जा सकते हैं। वर्तमान में, सात (७) प्रजातियों का कुकुरमुत्ता पूरे वर्ष उगाया जाता है। इनमें से ३ प्रजातियाँ अप्रैल – सितम्बर के दौरान और अन्य ४ प्रजातियाँ अक्टूबर – मार्च के दौरान उगाई जाती हैं। लगभग २ क्विंटल कुकुरमुत्ता प्रतिवर्ष काटा जाता है।
एक स्पॉन तैयारी इकाई भी पर्यावरणीय जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, आईएएसएसटी में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन हेतु स्थापित की गई है। इस इकाई में प्रतिवर्ष लगभग १००० पैकेट स्पॉन (प्रति पैकेट २०० ग्राम) तैयार किए गए हैं। वर्ष २०१९ में ५५० पैकेट बकरापारा और कल्लापारा के लाभार्थियों को वितरित किए गए तथा १५० पैकेट उत्पादकों को बेचे गए।
कुकुरमुत्ता की खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। अब तक ५ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं जिनमें ६० लाभार्थियों और १६ छात्रों ने भाग लिया। इस इकाई का नियमित रूप से विभिन्न महाविद्यालयों, संगठनों और उद्यमियों से छात्र एवं अन्य आगंतुक दौरा करते हैं।


वर्मी कम्पोस्ट:
वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए परिसर में ५ कंक्रीट और २ तिरपाल से निर्मित गड्ढे हैं। प्रत्येक गड्ढे का क्षेत्रफल १६ × ६ × १० फ़ुट (लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई) है। इन गड्ढों में वर्ष में दो बार वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा सकता है। प्रतिवर्ष इन गड्ढों से लगभग ८ टन कम्पोस्ट प्राप्त होता है। तैयार वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग आईएएसएसटी परिसर के फूलों और फलों के बगीचे में किया जाता है तथा शेष भाग बेचा जाता है। इससे संस्थान को अतिरिक्त आय उत्पन्न करने में सहायता मिलती है।

आईएएसएसटी में कंक्रीट आधार वर्मी कम्पोस्टिंग इकाई




