फंक्शन्स एंड पावर ऑफ़ गवर्निंग कौंसिल

  • शासी परिषद् आईएएसएसटी की सर्वोच्च कार्यकारी निकाय होगी और इसके स्मरण-पत्र में उल्लिखित उद्देश्यों को पूरा करेगी।
  • शासी परिषद् आईएएसएसटी की गतिविधियों के संगठन, सामान्य पर्यवेक्षण, निर्देशन और नियंत्रण के लिए उत्तरदायी होगी तथा इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु आवश्यक सभी शक्तियों का प्रयोग करेगी।
  • आईएएसएसटी की स्थापना के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए शासी परिषद् निम्नलिखित शक्तियों का प्रयोग करेगी:
  • आईएएसएसटी के समग्र उद्देश्यों की प्राप्ति और कुशल संचालन हेतु नीतियाँ और रणनीतियाँ बनाना।
  • अनुसंधान गतिविधियों से संबंधित सभी मामलों में सलाह और अनुशंसा देने हेतु वैज्ञानिक परामर्श परिषद् (एसएसी) का गठन करना।
  • आईएएसएसटी के उद्देश्यों के अंतर्गत कार्यक्रमों पर विचार करना और उन्हें अनुमोदित करना।
  • अनुबंध/संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, अवधारणा प्रमाणन, प्रोटोटाइप बिक्री, विशेषण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कार्य निष्पादन और परामर्श कार्यों हेतु दिशा-निर्देश बनाना।
  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों को दाखिल करने, बनाए रखने, बचाव करने और उपयोग करने हेतु दिशा-निर्देश बनाना।
  • आईएएसएसटी को प्रौद्योगिकी संबंधी जानकारी के अधिग्रहण, भंडारण, पुनर्प्राप्ति, प्रसार, मूल्यांकन और व्याख्या हेतु सुविधाएँ स्थापित करने और प्रबंधित करने की अनुमति देना।
  • आईएएसएसटी के कार्यों के संचालन हेतु नियम, विनियम और उपनियम बनाना तथा समय-समय पर सरकार की स्वीकृति से उनमें संशोधन करना।
  • आईएएसएसटी के लिए अनुदान, सदस्यता, दान, निधि, शुल्क, रॉयल्टी, उपहार आदि स्वीकार करना।
  • वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों से निधि उधार लेने की अनुमति देना।
  • विशिष्ट उद्देश्यों के लिए निधि का निर्माण और संचालन करना।
  • आईएएसएसटी के व्यय हेतु भुगतान की अनुमति देना।
  • आईएएसएसटी की संपत्तियों का अधिग्रहण और निपटान करना।
  • आईएएसएसटी की इमारतों का निर्माण, सुधार, परिवर्तन, ध्वस्तीकरण या मरम्मत की अनुमति देना।
  • शैक्षणिक, तकनीकी, प्रशासनिक पदों का सृजन, उन्नयन या पुनः नामकरण करना और नियुक्तियाँ करना।
  • स्वीकृत रिक्त पदों पर नियुक्तियों को अनुमोदित करना।
  • प्रारंभिक वेतन तय करने की शक्ति।
  • निदेशक और अन्य कर्मचारियों की विदेश प्रतिनियुक्ति को अनुमोदित करना।
  • आवश्यक सेवाओं को आउटसोर्स करने हेतु दिशा-निर्देश अनुमोदित करना।
  • परामर्श निकायों, समितियों और उप-समितियों का गठन करना।
  • अध्यक्ष को कुछ शक्तियाँ सौंपना।
  • निदेशक या अन्य प्राधिकरण को शक्तियाँ सौंपना।
  • वार्षिक रिपोर्ट, वार्षिक लेखा और बजट अनुमानों पर विचार और अनुमोदन करना।
  • चेयर, पोस्ट डॉक्टोरल फैलोशिप, अनुसंधान छात्रवृत्ति, फैलोशिप/एसोसिएटशिप और पुरस्कारों की स्थापना को अनुमोदित करना।
  • परामर्शदाताओं, विशेषज्ञों और संस्थानों को अनुबंध पर नियुक्त करने हेतु दिशा-निर्देश जारी करना।
  • तकनीकी गतिविधियों से प्राप्त अधिशेष राजस्व से कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की योजनाओं को अनुमोदित करना।
  • शैक्षणिक संस्थानों को प्रति वर्ष अधिकतम ₹२० लाख तक अनुदान देना।
  • आईएएसएसटी के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु सभी आवश्यक कार्य करना।